मोदी से भी ज्यादा है तालिबान के नेताओ की सैलरी,जानिए कितने रुपये लेते थे अशरफ गनी

सालो पहले जब भारत पर अंग्रेजो का शासन था तब सभी भारतीयों को गुलामो का जीवन बिताना पड़ता था .कैसा लगता है जब कोई और हमारे देश हमारे घरो पर आकर कब्जा कर लेता है और हमे अपने अनुसार जीवन जीने के लिए मजबूर करता है .ये भारतवासियों को भली भांति पता है.ऐसा ही कुछ वर्तमान में अफगानिस्तान में हो रहा है .जंहा अब तालिबान की हकूमत है .

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban)  का राज आने के बाद वहां की जनता उनसे बिल्कुल भी खुश नहीं है। क्योंकि तालिबान सिर्फ अपनी जेब भरने में लगा है। चाहे वह अफगानिस्तान के राष्ट्र प्रमुख हो या वहां का कार्यवाहक हर कोई फंडिंग के बदौलत ही आगे बढ़ना चाहता है। तालिबान को कई देशों से फंडिंग मिलती है। लेकिन क्या आपको पता है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रप्रमुख और मंत्रियों की सैलरी कितनी होती है। क्या तालिबान भी अपने राष्ट्र प्रमुखों को सैलरी देगा या फिर वह भी फंडिंग के माध्यम से ही देश पर राज करेगा। आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं।

भारतीय मुद्रा में काफी मजबूत

अगर भारत और अफगानिस्तान के बीच महंगाई की बात की जाए तो अफगानिस्तान भारत से कहीं ज्यादा सस्ता देश है। अगर अफगानी  मुद्रा की बात करें तो एक अफगानी मुद्रा भारत के 85 पैसे के बराबर है। अशरफ गनी साल 2014 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बने थे। गनी कुल 7 वर्ष तक राष्ट्रपति पद पर विराजमान थे। 15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल में प्रवेश करने के बाद ही अशरफ गनी अपनी पत्नी रुला गनी के साथ देश से बाहर चले गए थे।

भारत के राष्ट्रपति से ज्यादा सैलरी लेते थे अशरफ गनी

अशरफ गनी काबुल के प्रेसिडेंट पैलेस में रहते थे। प्रेसिडेंट पैलेस में हर वह सुख- सुविधा है। जो आपने शायद कभी सोचा नहीं होगा। मीडिया द्वारा मिली खबरों के अनुसार अशरफ गनी की सैलरी 13400 डॉलर थी। इसे अगर अफगानी मुद्रा में देखा जाए तो यह 11.5 लाख होती है। वहीं दूसरी तरफ अगर इसे भारतीय मुद्रा के रूप में देखे तो यह 9.83 लाख रुपए होगा। यानि भारतीय राष्ट्रपति से कहीं ज्यादा। भारत में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए है।

अफगानिस्तान के सांसद की सैलरी

अफगानिस्तान की पिछली संसद 15 अगस्त 2021 को भं ग हो गई थी। पहले अफगानिस्तान के संसद के दो अंग थे। मशरानो जिरगा यानि हाउस ऑफ एल्डर्स, इसमें कुल 102 सदस्य होते थे। संसद का दूसरा अंग थी वालेशी जिरगा यानि हाउस ऑफ पीपुल्स था। इसमें कुल 250 सांसद थे। आपको बता दें कि अफगान के सांसद की सैलरी 1,95,000 अफगान अफगानी थी। उन्हें फोन की सुविधा के साथ खाने की सुविधा दी जाती थी और दो सु रक्षा गार्ड उपलब्ध कराया जाता था।

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