अफीम से पैसे कमाने के लिए CM की बहू ने अपने ही पति को रख दिया गिरवी

दोस्तों पैसा जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है .बिना पैसे के इस संसार में रहना बहुत मुश्किल है .पैसे से आप हर जरूरत और शौक पुरे कर सकते है लेकिन खुशिया और सुकून नही खरीद सकते .कभी -कभी ऐसा समय भी आता है जब किसी इन्सान को पैसे के लिए कुछ गिरवी रखना पड़ता है तो ऐसे में वो इन्सान सोने के गहने या जमीन या फिर कोई कीमती चीज़ गिरवी रख देता है .आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने वाले है जिसने अपने पति को ही गिरवी रख दिया .

 आज के समय में रुपया ही सब कुछ है, यही वास्तविकता है। रुपयो के लिए मादक कारोबार मे लिप्त रजीनीतिक घराने की महिला ने अपने पति को ही गिरवी रख दिया। सामान की तरह गिरवी रखा गया व्यक्ति पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री का सुपुत्र बताया जा रहा है। ब्राउन शुगर तस्करी के आरोप मे मुख्यमंत्री की पुत्रवधू फिलहाल जलपाईगुड़ी जेल मे कैद है। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के साथ तस्कर गिरोह के अन्य शागिर्दो की तलाश मे पश्चिम बंगाल राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स सिलीगुड़ी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

गुप्त सूचना के आधार एसटीएफ सिलीगुड़ी की टीम ने विश्वकर्मा पूजा की देररात सिलीगुड़ी से सटे जलपाईगुड़ी जिला अंतर्गत राजगंज थाना क्षेत्र के फाटापोखर टोल गेट पर असम से बिहार के मुजफ्फरपुर को जा रही एक बस से एक किलो ब्राउन शुगर के साथ तीन युवको को गिरफ्तार किया। आरोपितों मे शामिल तौसि? अंसारी (22) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का और अन्य दो अलिमुद्दीन रहमान (27), सद्दाम अली (18) असम के कामरूप जिले का निवासी है। ये तीनों फिलहाल रिमाड पीआर एसटीएफ की हिफाजत मे हैं। इसके करीब बीस दिन पहले एसटीएफ ने पूर्वोत्तर के दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पर असम से दिल्ली को जाने वाली राजधानी एक्स्प्रेस ट्रेन की एस-5 कोच मे तलाशी अभियान चलाकर करीब चार किलोग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया था।

मादक तस्करी के आरोप मे एसटीएफ ने उसी कोच से एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके नाम लालिजान बेगम (55), मोहम्मद आ?ाद खान (47) और बसेईमायूम यासीन (19) बताया गया। आरोपितों मे शामिल महिला लालिजान बेगम वर्ष 1972 से 74 के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे मोहम्मद अलिमुद्दीन के बेटे मोहम्मद इस्लाउद्दीन की पत्नी बताई जा रही है। एसटीएफ की माने तो लालिजान अपने पति के साथ मणिपुर के थौबल जिला अंतर्गत लीलोंग थाना क्षेत्र के आहनबी कालीइखोंग ब्रिज के निकट तूरेल हाओरेबी इलाके मे रहती है। वह अपने गिरोह के साथियों के साथ कई बार मादक का खेप मणिपुर से बिहार समेत उत्तर भारत के कई राज्यों मे पहुंचा चुकी है। लेकिन पहली बार पकड़ी गई है।

गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने तीनों को रिमाड पीआर लेकर पूछताछ किया तो चौकाने वाले रहस्य सामने आया। एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार बिहार के किशनगंज के एक मादक कारोबारी ने चार किलो ब्राउन शुगर के लिए लालिजान को 50 लाख रुपया नगद दिया था। रुपये लेने के लिए लालिजान अपने पति मोहम्मद इस्लाउद्दीन के साथ किशनगंज आई थी। रुपये लेकर मादक पदार्थ की डिलीवरी देने तक अपने पति को ग्राहक के पास गिरवी रख गई थी। लेकिन मादक लेकर आते समय लालिजान बेगम एसटीएफ के हत्थे चढ़ गई। लालिजान की जुबानी के आधार पर एसटीएफ ने मादक कारोबारी को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से किशनगंज मे छापेमारी भी की, लेकिन भनक लगते ही गिरवी मोहम्मद इस्लाउद्दीन के साथ कारोबारी इलाके से फरार है। एसटीएफ उनकी तलाश मे जुटी हुई है।

एसटीएफ के डीएसपी (उत्तर बंगाल) सुदीप भट्टाचार्य ने बताया कि रिमाड कि मियाद समाप्त होते ही लालिजान समेत तीनों को अदालत ने न्यायिक हिरासत मे भेज दिया है। किशनगंज के मादक कारोबारी समेत लालिजान के पति मोहम्मद इस्लाउद्दीन को पकड़ने के लिए किशनगंज मे भी छापेमारी कि गई, लेकिन वे सभी फरार हो चुके है। एसटीएफ उनकी तलाश मे हर संभव कोशिश कर रही है।

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