कॉ”रोना के बाद अब आयी ये महामारी,11 राज्यो में मिले मरीज

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि पूरी दुनिया साल 2019 से एक भयंकर महामारी का सामना कर रही है, जिसमें अनगिनत जाने जा चुकी है। हालाकि मौजूदा समय में इस महामारी पर कुछ हद तक अंकुश लग पाया है, पर ये महामारी पूरी तरह से अभी भी खत्म नही हुई है। वहीं एक और महामारी ने आते ही अपना आक्रामंक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दरअसल मौसम बदल रहा है, कई शहरों में अभी भी बारिश हो रही है, इस बदलते मौसम से डेंगू का खतरा भी बढ़ चुका है। 11 राज्यों में इस महामारी के मरीज मिले हैं और इनमें कई मरीजों की मौत भी हो गई है। हालाकि सरकार की ओर से कई आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि “देश में शनिवार दोपहर तक 80 करोड़ को-रोना खुराक दी जा चुकी हैं। शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 2.50 करोड़ से ज्यादा को-रोना खुराक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। इसके बाद देश में अब तक कुल 80 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं। वहीं डेंगू को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुये कहा है कि “देश के कई राज्यों में मच्छर जनित रोग डेंगू का कहर देखा जा रहा है। घरों व अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में डेंगू मरीज हैं।  डेंगू का टाइप-2 स्ट्रैन पहले व तीसरे स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक है। बीते दिनों लखनऊ स्थित संजय गांधी पीजीआई के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के हेड प्रो.टीएन ढोले ने बताया कि टाइप-2 स्टेन से संक्रमित मरीजों में प्लेटलेट काउंट बहुत तेजी से गिरता है। डॉ. ढोले ने बताया कि यह डेंगू में दो तरह से असर करता है। पहला डेंगू हेमरेजिक फीवर और दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि डेंगू हेमरेजिक फीवर ज्यादा खतरनाक नहीं है लेकिन शॉक सिंड्रोम में बुखार उतरने के बाद मरीज में तेजी से प्लेटलेट की संख्या कम होने प्रकृति देखी गई है। टाइप-2 डेंगू मरीज का बुखार उतरने के बाद भी प्लेटलेट्स की जांच कराते रहना चाहिए। यदि प्लेटलेट्स बुखार उतरने के बाद भी 30 हजार से कम हैं तो मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। उसे पौष्टिक तरल पदार्थ देना चाहिए। जिससे शरीर में द्रव की कमी न हो। यदि प्लेटलेट्स इसके बाद भी घटे तो मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। जिससे उसे प्लेटलेट्स चढ़ायी जा सके।

उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट कम होने से रक्तस्राव होने की संभावना होती है। शरीर के प्रतिरक्षण तंत्र और मरीज की शारीरिक स्थिति के अनुसार रक्तस्राव हो सकता है। कुछ मरीजों में 10 हजार प्लेटलेट्स काउंट होने पर भी रक्तस्राव नहीं होता तो कुछ में 30 से 40 हजार काउंट होने पर रक्तस्राव की प्रकृति देखी गई है। डॉ. ढोले ने बताया कि कुछ मरीजों में डेंगू और मलेरिया दोनों परजीवी मिले हैं। इसलिए घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई सबसे ज्यादा जरूरी है। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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