टाटा ग्रुप के हाथ से एयर इंडिया जाने पर सरकार ने दी सफाई जानिए क्या कहा

दोस्तों एक देश से दुसरे देश जाने के लिए लोग हवाई यात्रा करते है .जंहा पानी के जहाज से दुसरे देश जाने में महीनो लग जाते है . वही हवाई यात्रा ने लोगो के सफर को आसान बना दिया है . एयरलाइन एअर इंडिया की शुरुआत 1932 में टाटा ग्रुप द्वारा की गयी थी .लेकिन मिडिया से मिली जानकारी के मुताबिक सरकारी एयरलाइन एअर इंडिया अब टाटा ग्रुप के हाथ से जा चुकी है . इस मामले पर सरकार ने सफाई देते हुए बताया है कि इस मामले से सम्बन्धित अभी कोई भी निर्णय नही लिया गया है .और जब भी इस मामले को लेकर कोई भी फैसला लिया जायेगा .इसकी जानकारी आपको मिल जाएगी .

एअर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप (Tata Group) और स्पाइसजेट (SpiceJet) के अजय सिंह ने बोली लगाई थी. यह दूसरा मौका है जब सरकार एअर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही है. इससे पहले 2018 में सरकार ने कंपनी में 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी लेकिन उसे कोई रिस्पांस नहीं मिला था .

क्या कहा सरकार ने 

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने ट्वीट कर कहा, ‘मीडिया में आ रही इस तरह की खबरें सरकार ने एअर इंडिया के फाइनेंशियल बिड को मंजूरी दे दी है, गलत हैं. सरकार जब भी इस निर्णय ले लेगी, मीडिया को जानकारी दी जाएगी.’  

https://twitter.com/SecyDIPAM/status/1443844070757986305

दिसंबर तक पूरी होगी प्रकिया! 

सूत्रों के अनुसार दिसंबर 2021 तक एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. Air India के लिए सरकार ने फाइनेंशियल बिड्स मंगवाई थीं. ये सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा भी है.  सरकार एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी, जबकि ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी AISATS की 50 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी .

टाटा ग्रुप ने ही की थी शुरुआत

Air India की शुरुआत 1932 में टाटा ग्रुप ने ही की थी. टाटा समूह के जे. आर. डी. टाटा (JRD Tata) ने इसकी शुरुआत की थी, वे खुद भी एक बेहद कुशल पायलट थे. 

ऐसे सरकारी कंपनी बनी Air India

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत से सामान्य हवाई सेवा की शुरुआत हुई और तब इसका नाम Air India रखकर इसे एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बना दिया गया. वर्ष 1947 में देश की आज़ादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस की जरूरत महसूस हुई और भारत सरकार ने Air India में 49% हिस्सेदारी अधिग्रहण कर ली. इसके बाद 1953 में भारत सरकार ने एयर कॉरपोरेशन एक्ट पास किया और tata group से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली. इस तरह Air India पूरी तरह से एक सरकारी कंपनी बन गई

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