कश्मीर में हुआ बड़ा बदलाव, कश्मीरी पंडितों को वापस मिलने लगी उनकी जमीन…

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि मौजूदा सरकार ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये है जो कि चौकाने वाले है जैसे कि नोट बन्दी,  GST, धारा 370, तीन तालाक इसके अतरिक्त कई ऐसे बड़े फैसले देशहित में लिये गये है साथ ही उनपर अमल भी किया जाने लगा हैं। वहीं अगर बात की जाये कश्मीरी पंडितों की तो उनके लिये भी आयी एक अच्छी खबर जिसके अनुसार अब कश्मीर में वापस मिलने लगी है उनकी जमीनें। आपको बता देंकि जो कश्मीरी पंडित कांग्रेस की सरकार में दूसरे राज्य में चले गए थे। उन लोगों को इस खबर के माध्यम से हम जानकारी देने वाले हैं कि आखिर किस तरह से कश्मीर की राजनीति के साथ-साथ कश्मीरी लोगों का बर्ताव भी अब सही होता जा रहा है। कश्मीर में अब कानून का राज है। मात्र 20 दिन में 40 जमीनों को कराया गया खाली।

दरअसल हाल ही में भारत सरकार द्वारा कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में वापस भेजने के लिए एक अभियान चलाया गया था। यह अभियान अब सफल होता दिख रहा है। इसके तहत कई कश्मीरी पंडित कश्मीर की ओर रवाना हो रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर लगभग 40 कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर लौट चुके हैं। जो लोग कश्मीरी पंडितों के घर में रह रहे थे। उन्हें भी अब घर खाली करने के लिए कह दिया गया है। बीते लगभग 20 दिनों में ही 40 से अधिक जमीनों तथा घरों को भारत सरकार द्वारा खाली करवाया गया है। धीरे-धीरे अब कश्मीर में बदलाव देखने को मिल रहा है। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बीते लगभग 20 दिनों में ही 660 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन देकर कहा था कि उनके घर पर एक विशेष समुदाय के लोग कई वर्षों से रह रहे हैं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा था कि वे लोग वापस अपने घर लौटना चाहते हैं। लेकिन वह लौट नहीं पा रहे हैं। क्योंकि उनके गांव का माहौल सही नहीं लग रहा है।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि इसके बाद ही श्रीनगर जिले में काम कर रहे प्रशासन द्वारा उन 660 लोगों की बातों को मानते हुए उनका समाधान किया गया है। साथ ही साथ दस्तावेज भी बनवा कर देने की बात कही जा रही है। कश्मीर में एक विशेष समुदाय के लोग हिंदू धर्म के लोगों के साथ अच्छा नहीं कर रहे थे। इसलिए वह लोग साल 1989-90 के समय कश्मीर से दूसरे राज्य में चले गए थे। 1990 के समय कश्मीर में केवल 800 हिंदू परिवार ही रह रहे थे। कश्मीर में रहने वाले हिंदू परिवार जब अन्य राज्य में चले गए। तो उनके घर पर एक विशेष समुदाय के लोग रहने लगे। कश्मीर के हिंदुओं की जमीन जायदाद सुर क्षित नहीं थी। अब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जिनके साथ भी 1990 के समय सही नहीं हुआ वह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दे सकते हैं। उन्हें उनकी पूरी संपत्ति वापस की जाएगी। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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