रावण के निध’न से दुखी हुए सीता और श्रीराम,कह दी ये बात

दोस्तों आपको वो समय तो याद होगा जब सभी लोग टीवी पर प्रसारित होने वाली रामानंद सागर की रामायण का बेसब्री से इंतज़ार किया करते थे . जिसे देखने के लिए अपने सभी काम छोड़ कर सब टीवी के सामने बैठ जाया करते थे थे और रामायण का आनंद लेते थे .रामायण में राम ,सीता और लक्ष्मण के आलावा सबसे महत्वपूर्ण किरदार रावन का था .रामायण में रावण का किरदार अभिनेता अरविंद त्रिवेदी ने बखूबी निभाया था . उन्होंने अपने अभिनय से सभी का दिल जीत लिया था .

आपको बता दे अभिनेता अरविंद त्रिवेदी मंगलवार की रात यानि पांच अक्तूबर को हमेशा हमेशा के लिए इस दुनिया से चले गए। उनके निधन की खबर ने पूरे मनोरंजन जगत को गहरा सदमा दिया है। अरविंद 83 वर्ष के थे और दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका निधन हो गया। आज सुबह मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।  

अरविंद त्रिवेदी के निधन से इंडस्ट्री में शोक

उनके निधन की जानकारी मिलने पर उनके साथी कलाकारों ने सोशल मीडिया पर दुख जाहिर किया है। लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने लिखा, ‘बहुत दुखद समाचार है कि हमारे प्यारे अरविंद भाई अब हम सबके बीच नहीं रहे, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। मैं कुछ भी कह नहीं पा रहा हूं। मैंने अपने पिता समान एक शुभचिंतक और सज्जन को खो दिया’।

शो में सीता का किरदार निभाकर घर-घर मशहूर हुईं दीपिका चिखलिया ने भी इंस्टाग्राम पर दुख भरा पोस्ट साझा किया है। अभिनेत्री ने लिखा, ‘पूरे परिवार को मेरे दिल से संवेदना। वो एक बहुत ही सुलझे हुए इंसान थे’। 

साथ ही अशोक पंडित ने भी ट्वीट कर अपना दुख साझा किया। उन्होंने लिखा,  ‘एक बेहतरीन थिएटर, टीवी और फिल्म कलाकार अरविंद त्रिवेदी के दिल का दौरा पड़ने के कारण हुए निधन ने गहरा दुख दिया है। परिवार को मेरी तरफ से दिल से संवेदना’।

https://twitter.com/ashokepandit/status/1445560322836688897

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैंस ने भी अपने पसंदीदा रावण को भारी मन से अलविदा कहा। एक यूजर ने लिखा, ‘हर आत्मा को एक दिन अपने घर लौट जाना होता है जहां से शुरूआत हुई रहती है। अरविंद त्रिवेदी हम सबको छोड़कर चले गए जिनके जाने से मनोरंजन जगत को गहरा नुकसान हुआ है’।

अरविंद त्रिवेदी के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने उनके निधन के खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि ‘मंगलवार (5 अक्तूबर) रात करीब 10 बजे उनका निधन हो गया है। उन्होंने बताया कि ‘चाचाजी पिछले कुछ सालों से लगातार बीमार चल रहे थे। पिछले तीन साल से उनकी तबीयत कुछ ज्यादा ही खराब रहने लगी थी। ऐसे में उन्हें दो-तीन बार अस्पताल में भी दाखिल कराना पड़ा था। एक महीने पहले ही वो अस्पताल से एक बार फिर घर लौटे थे। मंगलवार की रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने कांदिवली स्थित अपने घर में ही दम तोड़ दिया।’ 

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