योगीराज में नेतागिरी करने पहुंचे थे सिद्धु, हो गए बॉर्डर पर गिरफ्तार

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि योगी सरकार ने जनहित में कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिये है जो सराहनीय है। आपको बता दें कि मौजूदा सरकार ने अपराध मुक्त प्रदेश अभियान के तहत माफियाओं और गैंगस्टर के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही की है, बीते कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े माफिया गिरोहों समेत प्रदेश के हजारो अपराधियों की कमर तोड़ने में कोई कसर नही छोड़ी है। ऐसे में प्रदेश सरकार की इस कार्यवाही से जहां माफिया गिरोहों में दहशत का माहौल है तो वहीं दूसरी ओर अन्य राजनीतिक दलों के लिए यह एक ऐसी लकीर है जिसे छोटी कर पाना शायद किसी के लिए संभव न हो। क्योंकि लखीमपुर हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत को लेकर सिद्धु अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने पंहुचे थे, पर उन्हें बॉर्डर पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आइए जाने पूरी खबर।    

दरअसल लखीमपुर हिंसा में 4 किसानों सहित 8 लोगों की मौत हुई थी, जिसको लेकर विरोधी पार्टियां अपनी-अपनी रोटियां सेकने में लगी हुई है। क्योंकि जबसे यह मामला हुआ तभी से मृतक किसान पीड़ितों के परिजनों से मिलने के लिए नेताओं का आना जाना जारी है। अब पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू गाड़ियों के काफिले के साथ लखीमपुर पीड़ितों से मिलने जा रहे थे, जिन्हें यूपी के सहारनपुर बॉर्डर पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सिद्धू लखीमपुर जाने की जिद पर अड़े थे, जिनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। पुलिस ने सिद्धू का काफिला रोकने के लिए यूपी बॉर्डर पर पहले से ही बैरिकेडिंग व ट्राली लगा कर रखी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसान समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के तुरंत बाद, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वादा किया कि राज्य सरकार घटना में शामिल तत्वों का पर्दाफाश करेगी और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी। यूपी सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को एक सरकारी नौकरी और 45-45 लाख रुपये आर्थिक सहायता के तौर पर देने का ऐलान किया। यूपी पुलिस द्वारा सोमवार को दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और 15-20 अज्ञात आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120 बी, 147, 148, 149, 279, 302, 304 ए और 338 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी ओर लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितो से मिलने के लिए विपक्षी पार्टियों के नेताओं का भी दौर जारी है। बुधवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की है। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी आज घर जाकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बढ़ाया। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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