शाम तक एफआईआर वापस ले लेना, नहीं तो घर का कुत्ता भी नहीं बचेगा

दोस्तों उस समय कैसा लगेगा जब हम रोज की तरह अपने कामो में व्यस्त हो और अचानक से हमारे ऊपर गोलियों की बोछार होने लगे.अभी उस हादसे हम उभरे भी न हो कि तभी एक अनजान धमकी भरा फ़ोन कॉल आ जाये . तो ऐसे में सबसे पहले क्या करे कुछ समझ नही आता .आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसे ही मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे एक शख्स पर फायरिंग हुयी और बाद में उसे एक धमकी भरा कॉल आया .जिसमे उस शख्स के पुरे परिवार और कुत्ते तक को मारने की धमकी दी गयी है. क्या है पूरा मामला जानने के लिए खबर को पूरा पढ़े .

सिंघाना सर्किल स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के मालिक मनीष चौधरी की दुकान पर गुरुवार दोपहर आरोपियों ने फायरिंग की थी। अब धमकी भरा फोन आया है। जिसमें बताया है कि यदि शाम तक लोकेश गुर्जर डूमोली के खिलाफ दर्ज करवाई एफआईआर वापस नहीं ली तो घर का कुत्ता भी नहीं बचेगा। फोन आने के बाद पूरा परिवार डरा सहमा हुआ है। वहीं सुरक्षा को लेकर व्यापारी की दुकान व घर पर हथियारबंद पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है।

मनीष ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे फोन आया, जिसने मुकदमा वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी दी। थानाधिकारी हरीकृष्ण तंवर ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सम्भावित जगहों पर दबिश दी जा रही है। साइबर टीम व हरियाणा पुलिस से मिलकर खेतड़ी डीएसपी विजय कुमार, बुहाना डीएसपी ज्ञानसिंह, चिड़ावा डीएसपी सुरेश शर्मा डीएसपी के निर्देशन में हरियाणा क्षेत्र में धरपकड़ की जा रही है।

भीमसिंह के नेतृत्व में क्यूआरटी, कल्याणसिंह के नेतृत्व में डीएसटी टीम व खेतड़ी नगर थानाधिकारी हरीकृष्ण तंवर के नेतृत्व में उक्त मामले को लेकर विशेष टीम का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस ने बताया कि फायरिंग घटना के समय बदमाश दो मोटरसाईकिलों पर सवार होकर आए थे। सिंघाना के बुहाना मोड़ पर लगे सीसीटीवी में आरोपी ढाणा की तरफ से आते व जाते दिखाई दिए।

आरोपी: हेलो, हेलो, कुण विपुल बोल रहयो छह के भाई? मनीष : कौन बोल रहे हो? आरोपी: विपुल बोल रहयो छह के? मनीष: नहीं साहब, मनीष चौधरी बोल रहा हूं आरोपी- अरे सुन मेरी बात। अरे गुरुजी के सांग है। कांई की तू एफआईआर लगवा दी तू, बिना ही काम। मनीष: कुण बोल रहयो है? आरोपी: मैं रणजीत बोल रहयो छूं पाटन सूं। मनीष: अच्छा.. अच्छा। आरोपी: कांई की एफआईआर लगवा दी तू?

मनीष: क्यां की मतलब? आरोपी: ऊ लोकेस्या पर मुकदमो दर्ज करवायो छह ने गोळी गाळी चला दी। मनीष: दुकान में गोली चलाई जद मुकदमा दर्ज करवायो है। आरोपी- मुकदमा में किमी को लेणो देणो कोनी मेरा भाई। तेरे हिसाब से रह। घरां में किम छह के कोन्या। गुंडो बण मत। इन बातों में कुछ नहीं है।

मेरा भाई… एफआइआर उल्टी ले ले। किम बात छह ने तो वा अगला सूं फोन कर बात कर ले। खानदान में कोई मंडकी(रोटी) दे बाळो ना बचेगो। तो ने पहली बता दी यह बात। कुत्तो तगात मार देगा। तेरे किम समझ में नहीं आएगी। मनीष: अच्छा…. आरोपी: पुलिस किमी कोनी करे। पुलिस को इतनो ही काम सै पकड़के मुकदमो कर देगी। उल्टो घाल देगी। ठीक सै। किमी को लेणा देणा। गोळी तो ऐसे ही चलाई सै। आगलो चाहतो तो गोली मार भी सके छो। तू नै सचेत करयो छह। थारा भला की कह रहयो हूं। गुंडा ऊंडा आपा किमे कांई समझां कोनी।मनीष चौधरी- हमारे पास कांई छह ही कोनी, लेर ज्यागो कांई बता।

आरोपी- मैं तेरा भला की ही कह रहयो छूं। सुन… गुंडा ऊंडा आपा किमे कांई समझा कोनी। लोकेश का छोटा भाई…। अभी छूटकर आया हुं। 14 मुकदमा सै। शाम तक एफआइआर वापस नहीं ली तो 15वां मुकदमो होगो तेरो। 302 को। चाहे तू गुंडा ने कह दीज्यो या प्रशासन ने… (यह ऑडियो मनीष ने पुलिस को सौंपा है)

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