आँख से अँधा होने पर भी नहीं हारी हिम्मत,कड़ी धुप में खुद बना कर बेच रहे है चिप्स

दोस्तों कुछ लोग ऐसे होते है जो सब कुछ आते हुए भी काम करना पसंद नही करते .उन्हें बस बेकार बैठना और मुफ्त का खाना पसंद होता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है .जिनमे चाहे लाख कमिया हो पर फिर भी वो किसी पर बोझ नही बनते और मेहनत कर अपना गुजारा करते है.आज के इस लेख में हम आपको नासिक में रहने वाले दृष्टिहीन बुजुर्ग के बारे में बताने वाले है.जिन्हें दिखाई नही देता उसके वाबजूद भी ये केले के चिप्स बनाते हैं. और उन्हें बेच कर अपना गुजारा करते है .

आंखों की रोशनी न होने के साथ भी गरम तेल की कढ़ाई में चिप्स बनाना काफी खतरनाक हो सकता है, ऐसे में ये बुजुर्ग बिना आंखों की रोशनी के ये काम रोज करते हैं।दरअसल इस बुजुर्ग की शॉप नासिक (Nashik) में मखमलाबाद रोड पर सड़क किनारे है। वे यहाँ काफी समय से केले के चिप्स (banana chips) का स्टॉल चला रहे हैं। ‘हट्टी’ की गर्मी और भाप में लगातार काम करने की वजह से इनकी आंखों की रोशनी चली गई है। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने अपना काम नहीं छोड़ा है।

इस बुजुर्ग की कहानी को वीडियो के माध्यम से डिजिटल कंटेंट क्रिएटर संस्कार खेमानी ने साझा किया है। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को अभी तक एक करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है।वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे आंखों की रोशनी चली जाने के बावजूद बुजुर्ग पूरी लगन के साथ केले की चिप्स बना रहा है। वह खुद केले के चिप्स को काटता है और उसे गरम तेल में तलता है। चिप्स को तलने के बाद वह उसे एक बड़े से कंटेनर में डाल देता है। इसके बाद उसका एक सहायक चिप्स में सभी मसाले मिलाकर उसे एक प्लास्टिक की थैली में भर देता है।

दृष्टिहिन बुजुर्ग की यह कड़ी मेहनत देख लोग काफी इंप्रेस हो रहे हैं। हर कोई उनकी तारीफ़ों के पूल बांध रहा है। किसी ने कहा कि ‘हम वीडियो में उनका खाना पकाने को लेकर समर्पण महसूस कर सकते हैं।’ वहीं एक कहता है ‘आप ने मेरा दिल जीत लिया। आपको ढेर सारा सम्मान।’ फिर एक कमेंट आता है ‘ये बुजुर्ग आंखों की रोशनी जाने के बाद भी इस उम्र में इतनी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हम युवाओं को इनसे कुछ सीखना चाहिए।’

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