कोल् इंडिया ने दिखाया दम, अब नही होगी भारत की बिजली गुल

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि कोयला बिजली उत्पादन के लिये अतिमहत्वपूर्ण हैं, शायद यही वजह है कि कोयले को ब्लैक डायमंड कहा जाता है, उसकी किल्लत से इस वक्त पूरे देश पर संकट के बादल छाये हुये थे। माना जा रहा है कि कोयले की किल्लत से बिजली संकट शुरू हो गया था। जो आने वाले वक्त में और भी गंभीर हो जाता। आपको बता दें कि ब्लैक आउट की आशंका बढ़ती जा रही थी ऐसे में इस बार रोशनी के त्योहार दिवाली पर देश अंधेरे रहता, पर अभी-अभी मिली खबर के मुताबिक कोल् इंडिया ने दिखाया दम,अब नही होगी भारत की बिजली गुल। इस खबर के आते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।    

आपको बता दें कि बिजली संकट से उबरने के लिए कोल इंडिया द्वारा कोयला की आपूर्ति लगातार बढ़ाई जा रही है। लगातार रैक बढ़ रहे है। बुधवार की सुबह तक कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी बीसीसीएल ने कोयला आपूर्ति का लक्ष्य हासिल कर लिया। वैसे, कोल इंडिया ने पावर सेक्टर को 310 रैक कोयला की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी 279 रैक भेजा जा रहा है। पूर्व के मुकाबले यह 30 से 35 रैक अधिक है। आपूर्ति का आंकड़ा लक्ष्य के 90 फीसद तक पहुंच गया है। एक रैक में करीब चार हजार टन कोयला लोड होता है। गुलाब चक्रवात के कारण कोल इंडिया की अधिकतर खुली खदानों में पानी भर गया था। इससे उत्पादन पर असर पड़ा, हालांकि कोयले का भंडार पर्याप्त था। इसी बीच पावर सेक्टर में कोयला की कमी की बात सामने आई।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि कोल इंडिया ने सभी सहयोगी कंपनियों को संदेश दिया कि बिजली कंपनियों को कोयला की कमी होने नहीं दी जाय। रेल मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया। कोल इंडिया की मांग के मुताबिक रैक देने का निर्देश दिया गया। कोयला कंपनियों ने लगातार आपूर्ति बढ़ा दी है, बावजूद अभी भी कोल इंडिया के पास 39.13 हजार टन कोयले का भंडार मौजूद है। इधर, खदानों से पानी निकालने का काम भी तेज कर दिया गया है। आने वाले समय में उत्पादन में तेजी आने की संभावना है। वहीं देश को बिजली संकट से बचाने के लिए रेलवे भी कोल इंडिया के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहा है। कोलया कंपनियों से बिजली कंपनियों तक निर्बाध कोयले की आपूर्ति के लिए रेलवे ने स्पेशल कारिडोर बनाया है। फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर कोयले से लदी मालगाड़ियों को पास दिया जा रहा है।

कंपनी रैक सप्लाई लक्ष्य किया गया, ईस्टर्न कोलफील्ड लि. (ईसीएल) 21 16, भारत कोकिंग कोल लि (बीसीसीएल) 24 24, सेंट्रल कोलफील्ड लि. (सीसीएल)
46 40, नादर्न कोलफील्ड लि.(एनसीएल) 35 33, वेस्टर्न कोलफील्ड लि.(डब्ल्यूसीएल) 32 26, साउथ ईस्ट कोलफील्ड लि.(एसईसीएल) 50 47 महानदी कोलफील्ड लि. (एमसीएल) 102 93, कोल इंडिया ने 19.20 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। अभी 16.02 लाख टन कोयला का उत्पादन हो रहा है।, कोल इंडिया ने 19.80 लाख कोयला के डिस्पैच का लक्ष्य निर्धारित किया है। 18.82 लाख टन कोयला भेजा रहा है। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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