आर्यन खान केस में ASG अनिल सिंह का खुलासा, विदेश से जुड़े हैं ड्रग्स केस के तार, जांच में विदेश मंत्रालय से कही मदद की बात

मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि बॉलीवुड दिग्गज अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत याचिका पर मुंबई की एनडीपीसी कोर्ट ने 20 अक्टूबर तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जिसकी वजह से अभी आर्यन खान को मुंबई की आर्थर रोड जेल में 4 दिन और बिताने होंगे। इसी वजह से अभिनेता शाहरूख खान को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उनके बेटे आर्यन खान की मश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं इस संबंध में एएसजी अनिल सिंह ने बताया है कि विदेश से जुड़े हैं ड्रग्स केस के तार। जांच में विदेश मंत्रालय से कह दी मदद की बात। आइए जाने पूरी खबर।  

आपको बता दें कि मुंबई ड्रग केस मामले में एनसीबी के वकील ने कोर्ट में कहा कि विदेशी ड्रग पेडलर का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क करना होगा, उन्होंने कहा कि आर्यन खान की व्हाट्सएप चैट से इस बात की जानकारी सामने आई थी ड्रग्स के मामले विदेशों से जुड़े हैं। एनसीबी के वकील ने कोर्ट में कहा कि इस मामले में कौन विदेश नागरिक शामिल है इसका पता लगाने के लिए हमने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है। NCB की ओर से पेश वकील अनिल सिंह ने आर्यन खान को लेकर कोर्ट में कहा कि मैंने हाई कोर्ट में भी जानकारी दी थी कि यहां पर एक मामला है। कल जब मैं रिप्लाई दे रहा था, उसमें मैंने रिप्लाई में लिखी गई कई बातें आपके सामने रखी, आगे का रिप्लाई मैं अभी पढ़ रहा हूं। रिप्लाई का वो हिस्सा पढ़ रहे हैं जिसमें व्हाट्सएप्प चैट की बात कही गई है, साथ में ही अंतराष्ट्रीय ड्रग पैडलिंग की बात कही गई है। इस दौरान उन्होंने कोर्ट में देरी से आने के लिए माफी भी मांगी।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि आर्यन ने भी माना कि वो चरस का सेवन करता है और यह चरस इन दोनों के लिए था जिसका सेवन वो क्रूज़ में करने वाले थे, इस बयान से पता चलता है कि उन्होंने माना था कि यह ड्रग्स मेरे दोस्त के पास है और हम दोनों इसका सेवन करने वाले थे, इसलिए यह कहना कि आर्यन के पास से कुछ नहीं मिला, यह गलत होगा। वकील ने कहा कि कल मैंने आपको व्हाट्सएप्प चैट बताया जिसमें हार्ड ड्रग की बात की जा रही थी, वो बल्क मात्रा में था, यह केवल सेवन के लिए नहीं हो सकता, कल मैंने आपको बताया कि अंतराष्ट्रीय देश में किसी से यह बात चल रही थी और MEA से भी इस मामले मे बात जारी है। एनसीबी के वकील ने कहा कि कल मैंने आरोपियों के वकील को कहते सुना कि यूज का मतलब कंज्यूम करना होता है, यह सही नहीं है, यूज का अलग मतलब है कि पर्सनल कंजप्शन के अलावा इसका इस्तेमाल किसी भी चीज़ के लिए किया जा सकता है। NDPS के नियमों के अनुसार जबतक यह साबित नहीं होता कि इन्होंने ड्रग्स नहीं लिया तबतक ट्रायल स्टेज में NCB की इस बात को सच माना जाता है। इस मामले में 15 से 20 लोग जुड़े हैं और इसमें षड़यंत्र की बात सामने आ रही है, साथ ही अगर कमर्शियल क्वांटिटी की बात भी सामने आई है।

वकील ने कहा कि ऐसी स्थिति में सेक्शन 29 लगाया जाता है, जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा और जानकारी मिली, उसके अनुसार हम चार्ज और सेक्शन लगा सकते हैं, ऐसे भी सेक्शन हैं जिसमें क्वांटिटी नहीं मिलने पर या कम मात्रा में क्वांटिटी मिलने पर भी कड़ी करवाई की जा सकती है, अगर आपके पास से ड्रग्स नहीं मिला, लेकिन इसी मामले में दूसरों से कॉमर्शियल क्वांटिटी में ड्रग्स मिला तो उस आधार पर कार्यवाही की जा सकती है। मेरा निवेदन है कि इस मामले में आर्यन खान को जमानत नहीं दी जा सकती है और ऐसे कई जजमेंट इस मामले में हो चुके हैं। पंचनामा में मोबाइल फोन का ज़िक्र नहीं होने की बात आरोपियों के वकीलों ने की, मैं मांग करता हूं कि ऐसा कहां लिखा गया है वो बताएं। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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