हिंदुओ का धर्म बदलवाने के लिए मौलाना को मिले थे 100 करोड़ रुपये,सामने आया सच

दोस्तों सभी को अपने भगवान ,खुदा की इबादत करने का पूरा अधिकार है .और जिस भी इन्सान की जिस धर्म के प्रति आस्था है वो अपनी इच्छानुसार उस धर्म में परिवर्तित हो सकता है .लेकिन कोई भी किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नही कर सकता .जो भी ऐसा करता है उसे भगवान माफ़ नही करते .आपकी जानकारी के लिए बता दे ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे हिन्दुओ का धर्म बदलवाने के लिए एक मौलाना को अच्छी खासी रकम मिली है .क्या है पूरा मामला जानने के लिए खबर को अंत तक पढ़े .

अवैध धर्मांतरण की जांच में जुटी यूपी एटीएस को अब तक लगभग 100 करोड़ की विदेशी फंडिंग के सबूत हासिल हुए हैं. इतना ही नहीं, गिरफ्तार किए गए 16 आरोपियों में 2 आरोपी अलकायदा के भी संपर्क में आ चुके थे. हवाला के जरिए अवैध धर्मांतरण के इस अभियान की लंदन से लेकर अमेरिका व खाड़ी देशों से फंडिंग हो रही थी, जिसमें गुजरात से ऑपरेट होने वाला हवाला सिंडिकेट अहम भूमिका में था.

बीती 20 जून को दिल्ली से गिरफ्तार किए गए मौलाना उमर गौतम और जहांगीर आलम से सामने आए अवैध धर्मांतरण के सिंडिकेट को बड़े पैमाने पर विदेशों से फंडिंग की जा रही थी. यूपी एटीएस ने अब तक दाखिल की 10 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट में इस फॉरेन फंडिंग का 89 करोड़ हवाला के सिंडिकेट से पहुंचना बताया है. यूपी एटीएस की मानें तो उमर गौतम की संस्था अल हसन एजुकेशनल एंड वेलफेयर फाउंडेशन को ब्रिटेन की अलफलाह ट्रस्ट से 57 करोड़ रुपए दिए गए. वहीं, मौलाना कलीम की संस्था जामिया इमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट को भी 22 करोड़ की फॉरेन फंडिंग हासिल हुई है.

लंदन से लेकर अमेरिका और खाड़ी देशों से हुई इस फंडिंग में हवाला सिंडिकेट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ है. इतना ही नहीं, अवैध धर्मांतरण में पकड़े गए दो आरोपी अल-कायदा के भी संपर्क में थे. जांच में साफ हुआ है कि एक गिरफ्तार किए गए गणेश प्रसाद कावरे उर्फ एडम और कौसर आलम तो लोगों को लालच देकर अवैध धर्मांतरण के इस अभियान में काम करते-करते आतंक की राह पर भी चल रहे थे. अल-कायदा से जुड़े तमाम लोगों की धार्मिक कट्टरता से प्रभावित होकर दोनों ही आरोपी अलकायदा के संपर्क में आ गए थे.

यूपी एटीएस ने अब तक की जांच के बाद आशंका जताई है कि अवैध धर्मांतरण के इस अभियान से देश के सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने की कोशिश हो रही थी. जनसंख्या संतुलन बिगाड़ कर देश में चुनी गई संवैधानिक सरकार के बजाय शरीयत से चलने वाली सरकार को अवस्थापित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा था.

बता दें यूपी एटीएस गिरफ्तार किए कुल 16 आरोपियों में उमर गौतम, जहांगीर आलम समेत 10 आरोपियों के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन अभी मौलाना कलीम समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होना बाकी है.

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