शफी ने नसीम को दी अपनी बीवी उधार,अब नसीम ने लौटाने से किया साफ इंकार यह रहा पूरा मामला

दोस्तों आपने देखा होगा कभी न कभी सभी को जरूरत के समय किसी न किसी से उधार लेना पड़ता है जैसे पैसा ,गाड़ी आदि और अपनी जरूरत पूरी होने के बाद उसे लौटा देते है .लेकिन आज हम आपको एक हैरान कर देने वाली खबर बताने वाले है जिस पर विशवास कर पाना मुश्किल है .दरअसल एक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी को कुछ दिन के लिए अपने दोस्त को उधार दे दिया .और जब बहुत समय के बाद भी दोस्त ने उस व्यक्ति की पत्नी को वापिस नही किया तो मजबूरन उसे अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा . आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए खबर को अंत तक पढ़े .

यह व्यक्ति पिछले साल से अपनी बीवी को घर वापिस लाने के लिए पुलिस से गुहार लगा रहा है। इसमें समस्या सियासी भी है, दरअसल ये मामला उत्तराखंड के उधमनगर से जुड़ा हुआ है, जहां एक युवक ने अपनी बीवी अपने दोस्त को उधार के रूप में दे दी थी।

आपने लोगों को रूपये पैसे या फिर कोई गाड़ी या चीज़ उधार देते हुए सुना होगा लेकिन क्या कोई अपनी पत्नी को किसी को उधार दे सकता है? इस शख्स ने अपने दोस्त को अपनी बीवी उधार क्यों दी उसके पीछे की कहानी भी जान लीजिए। मुरादाबाद के भोजपुर में रहने वाला इसका दोस्त शफी अहमद चेयरमैन का चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन भोजपुर सीट पिछड़े वर्ग में आरक्षित हो गई इसीलिए उसने पिछड़ी जाति के दोस्त नसीम अहमद से उसकी बीबी रेहमत जहां को उधार मांग कर उसे चुनाव में खड़ा कर दिया।

सही पढ़ा आपने दोस्त को मुरादाबाद भोजपुर सीट पर चेयरमैन का चुनाव लड़ना था। किस्मत देखिए रहमत जहां चुनाव जीतकर चेयरमैन बन गई। डील के मुताबिक चुनाव के बाद उसे इसकी बीवी वापस करनी थी लेकिन अब एक साल हो गए लेकिन अब तक उसके दोस्त ने नसीम की बीवी को वापस नहीं किया है।

सीट पिछड़े वर्ग में आरक्षित हो गई इसीलिए उसने पिछड़ी जाति के दोस्त नसीम अहमद से उसकी बीवी रेहमत जहां को उधार मांग कर उसे चुनाव में खड़ा कर दिया ,किस्मत का ऐसा झुकाव पड़ा की उधार ली गयी महिला चेयरमैन बन गयी।

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