मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट,20 से ज्यादा राज्यो में होगी भारी बारिश

दोस्तों बारिश होना फसलो के लिए बहुत जरूरी होती है .लेकिन जरूरत से ज्यादा बारिश होने से चारो तरह तबाही ही तबाही हो जाती है .सड़के नदियों में बदल जाती है .लगातार तेज बारिश होने की वजह से केरल में 10 बांधों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है .बारिश की वजह से भूस्खलन हो रहे है जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर को कुछ समय के लिए बंद करने का फैसला लिया है .डेम में बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए काकी डैम के दो शटर को खोला गया है .

राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने सोमवार को पतनमथिट्टा के कलक्ट्रेट में समीक्षा बैठक और हालात का आकलन करने के बाद मीडियाकर्मियों को बताया कि पम्पा नदी का जलस्तर करीब 15 सेंटीमीटर बढ़ने के कारण सरकार ने काकी डैम को खोल कर करीब 200 क्यूमेक्स पानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला डैम के जलस्तर के खतरे के निशान को पार करने और मौसम विभाग द्वारा 20 अक्तूबर को भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी डैम का पानी नहीं छोड़ा गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए अभी सबरीमाला में पूजा की अनुमति नहीं दी जा सकती। उल्लेखनीय है कि भगवान अयप्पा मंदिर में तुला पूजा के लिए इसे 16 अक्तूबर से खोला गया था।

आठ डैम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी


मंत्री ने कहा कि पम्पा नदी के तटों पर रहने वाले लोगों को वहां से हटाने की तैयारी कर ली गई है। फिलहाल जिले में 83 कैम्प बनाए गए हैं, जिनमें 2,000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिन 10 बांधों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है उनमें काकी, शोलयार, मातुपट्टी, मूझियार, कुंडाला और पीची सहित ज्यादातर पतनमथिट्टा, इडुकी और त्रिशूर जिले में स्थित हैं। इसके अलावा आठ अन्य डैम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रेम की नैया…


प्रेम किसी बाधा को नहीं मानता, यहां तक कि कुदरत के क्रोध की भी परवाह नहीं करता। इस भीषण आपदा में भी एक नव दंपती ने मंडप तक पहुंचने के लिए बड़े कड़ाह में बैठकर पानी से लबालब भरी गलियों को पार किया। यह स्वास्थ्यकर्मी दंपती अपने जीवन के नए अध्याय को शुरू करने के लिए इस खास अवसर को नहीं गंवाना चाहता था।

20 राज्यों में अगले कुछ दिन भारी बारिश की आशंका

पिछले दो दिनों से चल रहा भारी बारिश का सितम अगले कुछ और दिनों तक जारी रहेगा और इसकी जद में उत्तर-पूर्व के सभी राज्य, उत्तर भारत और दक्षिण भारत के अधिकांश राज्य रहेंगे। मौसम विभाग के वरिष्ठ विज्ञानी नरेश कुमार के अनुसार, देश के कम से कम 20 राज्यों में अगले कुछ दिन भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। दिल्ली में अक्तूबर महीने में 1960 के बाद से अब तक की सबसे अधिक 94.6 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।

कुमार के अनुसार, देश में अभी मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल में दो कम दबाव के क्षेत्र बने हुए हैं जबकि अफगानिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली और इससे सटे राज्यों में बारिश हो रही है। इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी जबकि बंगाल के कम दबाव के क्षेत्र का असर उत्तर पूर्व के राज्यों पर पड़ेगा। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में 12 से लेकर 20 सेंटीमीटर तक बारिश की आशंका जताई है। इन तीन मौसमी परिस्थितियों से अलग दक्षिण भारत में हो रही बारिश धीमी पड़ी है लेकिन 20 अक्तूबर से वहां फिर पूर्वी हवाएं तेज होंगी, जिस कारण केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश हो सकती है।

दलाईलामा ने की मदद की पेशकश

दलाईलामा ने केरल की विभीषिका पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य में सहायता के लिए आर्थिक मदद की पेशकश की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लिखे पत्र में तिब्बती धर्मगुरु ने कहा, ‘इस आपदा में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और प्रभावित हुए हैं, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं।’ उन्होंने लिखा, ‘मुझे मालूम है कि राज्य सरकार और संबंधित निकाय अपने स्तर पर जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रयास कर रहे हैं। मैं अपनी सहानुभूति प्रकट करने के लिए दलाईलामा ट्रस्ट की ओर से मदद करना चाहता हूं।’

उत्तराखंड में बारिश से तीन लोगों की मौत, चारधाम यात्रा रुकी

उत्तराखंड में दूसरे दिन भी लगातार हो रही बारिश में तीन नेपाली मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। बारिश के कारण अधिकारियों ने चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है। साथ ही कहा कि जब तक मौसम सामान्य नहीं होता तब तक तीर्थयात्रा शुरू नहीं की जाएगी। उत्तराखंड में चेतावनी को देखते हुए सोमवार को ज्यादातर शिक्षण संस्थान बंद रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में मंगलवार तक भारी से भारी बारिश, ओले पड़ने, बिजली गिरने और करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

डीएम विजय कुमार जोगदांडे ने बताया कि मारे गए मजदूर पौड़ी जिले के लैंसडाउन के पास सामखाल में एक टेंट में रहते थे। बारिश के कारण ऊपर से मलबा गिरने से वे जिंदा दफन हो गए। ये सभी मजदूर उस इलाके में एक होटल के निर्माण कार्य से जुडे़ हुए थे। इस बीच चारधाम के तीर्थयात्री रविवार को हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे, लेकिन उन्हें मौसम के सामान्य होने तक वहां से आगे नहीं जाने की हिदायत दी गई है। साथ ही वहां वाहनों की आवाजाही पर भी रोक ला दी गई है।

सीएम धामी ने की समीक्षा

वाहनों को चंद्रभागा पुल, तपोवन, लक्षमण झूला और मुनि की रेती से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्र कक्ष में जाकर मौसम की जानकारी के साथ-साथ सड़कों और राजमार्गों का जायजा लिया। उन्होंने तीर्थयात्रियों ने दो-तीन दिन अपनी यात्रा टालने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने धामी से फोन पर बात की और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ली। शाह ने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

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